औपनिवेशिक शासन (1857–1947) के परिप्रेक्ष्य में बुन्देलखण्ड की महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक संरचना का बहुआयामी विश्लेषण

Authors

  • अभिषेक कुमार शुक्ला Author
  • प्रो. आनंद गोस्वामी Author

DOI:

https://doi.org/10.5281/zenodo.18803953

Abstract

बुन्देलखण्ड उत्तर प्रदेश (झाँसी, बाँदा, हमीरपुर, जालौन, चित्रकूट, महोबा, ललितपुर) एवं मध्य प्रदेश (सागर, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, दतिया) के सीमावर्ती जिलों में फैला एक ऐतिहासिक क्षेत्र है, जो विंध्याचल पर्वतों, यमुना-बेतवा नदियों की उपत्यकाओं से युक्त है। यह कृषि-प्रधान अर्थव्यवस्था, चंदेल-बुंदेला राजवंशों की सामंती परंपराओं एवं योद्धा संस्कृति के लिए जाना जाता है। मुगल, मराठा एवं ब्रिटिश शासन के दौरान यह क्षेत्र विभिन्न आक्रमणों एवं विस्तारवाद का गवाह रहा, जहाँ सामाजिक व्यवस्था जाति-आधारित, पितृसत्तात्मक एवं कृषि-केंद्रित थी। 

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Author Biographies

  • अभिषेक कुमार शुक्ला

    शोधार्थी  (इतिहास)

    बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय

  • प्रो. आनंद गोस्वामी

    गवर्नमेंट कॉलेज चरखारी , महोबा

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Published

02/27/2026

How to Cite

औपनिवेशिक शासन (1857–1947) के परिप्रेक्ष्य में बुन्देलखण्ड की महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक संरचना का बहुआयामी विश्लेषण. (2026). Journal of Review in International Academic Research, 2(1). https://doi.org/10.5281/zenodo.18803953